पंजाब के राज्यपाल ने छात्राओं को किया सम्मानित, महिलाओं की उन्नति पर दिया जोर

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने महिलाओं की प्रतिभा को उभारने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से महिलाएं अपने कौशल का सही उपयोग करते हुए समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सोमवार को सिधवा खुर्द में आयोजित श्री गुरु हरगोबिंद उजागर हरि ट्रस्ट के स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। राज्यपाल ने बताया कि महिलाओं में अनेक कार्य करने की अंतर्निहित क्षमता होती है, और यदि उन्हें शिक्षा तथा निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में समान अवसर दिए जाएं, तो वे समुदाय के लिए प्रकाश का स्रोत बन सकती हैं।

राज्यपाल कटारिया ने बीबी हरप्रकाश कौर का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षित महिलाएं समाज पर गहरा और स्थायी प्रभाव डालती हैं। वे न केवल अपने जीवन को संवारती हैं, बल्कि अपने उदाहरणों से दूसरों को भी प्रेरित करती हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने महिलाओं के लिए अधिक अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग कर सकें। युवतियों को प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने कहा कि उन्हें बीबी हरप्रकाश कौर के मिशन का अनुकरण करना चाहिए, जिससे वे शिक्षा के क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकें।

इस अवसर पर, राज्यपाल ने शिक्षकों की भूमिका को भी सराहा और उन्हें राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बताया। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे छात्रों में मूल्य, अनुशासन और नेतृत्व के गुणों को विकसित करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उनके अनुसार, ऐसे गुण न केवल छात्रों को आगे बढ़ाएंगे, बल्कि देश की समृद्धि में भी बढ़ोतरी करेंगे।

राज्यपाल द्वारा छात्रों की उपलब्धियों को मान्यता देने का प्रयास भी काफी सराहनीय रहा। इस समारोह के दौरान, ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. गुरिंदर सिंह ग्रेवाल और सेवानिवृत्त पीसीएस प्रीतम सिंह जौहल के साथ अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। आयोजनों में डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र जोरवाल और एसएसपी नवनीत सिंह बैंस जैसे प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति ने समारोह को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।

इस प्रकार, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के विचार इस दिशा में महत्वपूर्ण हैं कि महिलाएं अपनी शिक्षा के माध्यम से न केवल अपने जीवन में सुधार कर सकती हैं, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा देने में सक्षम हैं। हम सभी को इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक अवसर प्राप्त हों और वे अपनी प्रतिभाओं का सही उपयोग कर सकें।