अबोहर में कार ने पिता को कुचला: मौत; टोल प्लाजा पर ग्रामीण और किसान यूनियन का प्रदर्शन
बीते रात श्रीगंगानगर मार्ग पर स्थित गिदडांवाली में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, दीपू (27) नामक युवक, जो दो बच्चों का पिता था, शाम करीब दस बजे गिदडांवाली के मेन रोड पर सैर कर रहा था। इसी दौरान अंधेरे में एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी और उसके बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। दीपू की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे उसके परिवार में कोहराम मच गया।
हादसे के बाद, दीपू के परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों और संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा के पास इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि इसी स्थान पर लाइटिंग की व्यवस्था करना और पुल का निर्माण करना उनकी पुरानी मांग है, लेकिन इस पर प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कितनी बार इस मामले में अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन नतीजा हमेशा शून्य ही रहा।
प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि उनकी अनदेखी के कारण ऐसा हादसा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस समस्या का समाधान जल्दी नहीं किया गया, तो वे आगामी दिनों में और बड़ा आंदोलन करेंगे। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस ने दीपू के शव को स्थानीय सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने की कार्यवाही की, ताकि पोस्टमार्टम कराया जा सके और आवश्यक जांच की जा सके।
इस तरह के सड़क हादसे हमेशासंवेदनशीलता और चिंता का विषय बनते हैं, विशेषकर उन इलाकों में जहां सड़क पर सुरक्षा और संरचना की कमी होती है। दीपू कीtragic मौत ने फिर से इस आवश्यकता को उजागर किया है कि अधिकारियों को सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति होना अपरिहार्य है।
ग्रामीणों और किसानों की ये मांगें ना केवल दीपू के परिवार के लिए न्याय की मांग कर रही हैं, बल्कि वे समस्त जनता की सुरक्षा के लिए भी हैं। अगर प्रशासन इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान नहीं देगा, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों ने सुझाव दिया है कि कारों की गति पर नियंत्रण रखने के लिए इस मार्ग पर गति सीमा के संकेतक लगाए जाने चाहिए और साथ ही रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।









