फतेहगढ़ साहिब में कांग्रेसी नेता के बेटे के हत्यारे 4 गैंगस्टर धरे गए!
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में मंडी गोबिंदगढ़ में 2 अक्टूबर को कांग्रेसी नेता के बेटे तरनजीत सिंह उर्फ नन्नू की हत्या के मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी गैंगस्टर धीरू बत्ता सहित उसके तीन साथी पकड़े गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, तेज धार वाले हथियार और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरज बत्ता उर्फ धीरू, अमनिंदर सिंह उर्फ प्रिंस, संदीप बाक्सर और नीरज कुमार के रूप में हुई है। अन्य शामिल अपराधियों की खोजबीन जारी है।
फतेहगढ़ साहिब की एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि हत्या का कारण आपसी संघर्ष लग रहा है, जहां आरोपियों ने एक गिरोह बना लिया था। यह गिरोह मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना, खरड़, चंडीगढ़, और अन्य क्षेत्रों से रंगदारी वसूलने और नशे का कारोबार करने में संलग्न था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतक तरनजीत का धीरज बत्ता से करीब पांच साल पहले दोस्ताना रिश्ता था, लेकिन फिर दोनों के बीच मनमुटाव हो गया और तरनजीत ने उनसे दूरी बना ली। इसी वजह से धीरज गैंग को डर था कि तरनजीत एक बड़ा गिरोह बना लेगा।
गिरफ्तार किए गए पहले आरोपी संदीप सिंह उर्फ बॉक्सर हैं, जिनकी पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की गई। इसके बाद धीरज बत्ता, अमनिंदर और नीरज को भी गिरफ्तार किया गया। हत्या में इस्तेमाल किया गया एक देशी पिस्तौल, दो लोहे के सरिए और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ भलवान को भी नामजद किया गया है। एसएसपी ने बताया कि धीरज बत्ता के खिलाफ 15, प्रिंस के खिलाफ 12 और संदीप बाक्सर के खिलाफ 8 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, जो हत्या के इरादे, डकैती और लूटपाट जैसे गंभीर मामलों से संबंधित हैं।
मृतक के पिता और कांग्रेसी नेता मनजीत सिंह का कहना है कि उनके बेटे की हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश हो सकती है। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि वह हर पहलू की जांच करें। मनजीत ने यह भी बताया कि यह गिरोह उनके बेटे की हत्या की योजना लंबे समय से बना रहा था, और उन्होंने पहले भी उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी। अगर उस समय पुलिस ने सख्त कदम उठाया होता, तो शायद यह हत्या टल जाती। उन्होंने कहा कि वह डर से अपने बेटे को लुधियाना में शेयर मार्केट के बिजनेस में भेजने के लिए मजबूर हुए थे।
इस मामले ने स्थानीय समुदाय में चिंता का माहौल बना दिया है, और लोग न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। पुलिस की जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि यह हत्या वास्तव में आपसी रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे और भी कारण थे। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस अन्य फरार अभियुक्तों को पकड़ने में सफल होती है या नहीं, और क्या पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक कड़ियाँ जुड़ती हैं।









