पंजाब में डेंगू का कहर: 70 मामले रोज़, 10 जिले बने हॉटस्पॉट!
पंजाब में इस वर्ष डेंगू मच्छर का प्रकोप अत्यंत चिंता का विषय बन गया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सप्ताह के दौरान हर दिन 50 से 60 नए डेंगू के मामले सामने आते थे, लेकिन वर्तमान सप्ताह में यह संख्या बढ़कर औसतन 70 दैनिक मामलों तक पहुँच गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बात की चेतावनी दी है कि आने वाले दो सप्ताह में इस स्थिति में और भी भारी वृद्धि हो सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की अत्यधिक आवश्यकता है। इस समय तक राज्य में कुल 1536 डेंगू के मामलों की पुष्टि हुई है, लेकिन एक सुखद जानकारी यह है कि इस वर्ष डेंगू से कोई मृत्यु नहीं हुई है।
राज्य के विभिन्न जिलों में डेंगू के मामलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। मोहाली जिला सर्वाधिक प्रभावित है, जहाँ 537 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इसके बाद होशियारपुर और लुधियाना में क्रमशः 119 और 107 मामले सम्मिलित हैं। अन्य प्रभावित जिलों में पटियाला (77), मोगा (70), फरीदकोट (69), पठानकोट (69), जालंधर (67), बठिंडा (61) और कपूरथला (43) शामिल हैं। इन हॉटस्पॉट्स में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष प्रयास शुरू किए हैं।
डेंगू के लार्वा की रोकथाम के लिए पंजाब सरकार ने 2160 टीमों को सक्रिय किया है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. हितेंद्र कौर और नोडल अधिकारी डॉ. अर्शदीप ने बताया कि ये टीमें एडीज मच्छर के लार्वा की पहचान करते हुए उन्हें नष्ट करने के लिए छिड़काव का कार्य भी कर रही हैं। इसके लिए 1200 डोमैस्टिक चैकर्स को न केवल घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए भेजा गया है, बल्कि उन्होंने अब तक 46 लाख से अधिक आवासों और 94 लाख कंटेनर्स की जांच की है, जिसमें से 31,677 घरों और 35,844 कंटेनरों में मच्छर के लार्वा पाए गए हैं, जो अब नष्ट किए जा चुके हैं।
इस स्थिति पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग और जन जागरूकता अभियान को भी तेज कर दिया है। मोहाली, होशियारपुर और लुधियाना में 11 टीमों को तैनात किया गया है जो स्कूलों और कॉलेजों का निरीक्षण कर रही हैं। इन टीमों के सदस्यों ने डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने का कार्य भी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे अपने आस-पास के स्थानों की सफाई रखें और पानी ठहरने ना दें, ताकि डेंगू के प्रकोप को सीमित किया जा सके।
डेंगू से बचाव के उपायों में अपना घर और आसपास की जगह की साफ-सफाई रखना, नियमित रूप से फॉगिंग कराना, और लार्वा नष्ट करने वाले रसायनों का प्रयोग शामिल है। इसके साथ ही, अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहना और डेंगू के प्रारंभिक लक्षणों को पहचानना भी आवश्यक है। अगर किसी को बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द महसूस होता है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर ये कदम समय पर उठाए गए तो डेंगू के खिलाफ सफलता पाई जा सकती है।









