चंडीगढ़ पार्किंग घोटाला: गृह मंत्रालय ने लापरवाही पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट, 7.26 करोड़ का घाटा!

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ में हुए पार्किंग घोटाले के मामले में गंभीरता दिखाई है और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) से इस मुद्दे का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इस घोटाले में ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। गृह मंत्रालय ने यूटी के सलाहकार को पत्र भेजकर संबंधित अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया है। इसके बाद, यूटी प्रशासन ने इस मामले को नगर निगम के पास भेज दिया है।

गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट देने में समय की पाबंदी का ख्याल रखने की बात की है, साथ ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा जारी रिपोर्ट का संदर्भ भी दिया है। इसमें यह बताया गया है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण सरकारी खजाने को 7.26 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क और 16.66 लाख रुपये स्टांप शुल्क का नुकसान हुआ है। जनवरी 2023 में इस घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद नगर निगम ने अपनी पार्किंग शाखा के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी।

सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार, निगम ने ठेकेदार के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिनमें पहली बार मामला दर्ज करना, गिरफ्तारी, काली सूची में डालना, बैंक गारंटी को जब्त करना और दिवालिया प्रक्रिया के अंतर्गत वसूली की कार्रवाई शामिल है। हालांकि, रिपोर्ट में वह लापरवाही भी स्पष्ट रूप से उजागर होती है, जिसमें ठेकेदार द्वारा मासिक किस्तें जमा न करने के बावजूद नगर निगम ने समय पर अनुबंध को रद्द करने का निर्णय नहीं लिया। इसके परिणामस्वरूप, ठेकेदार पर बकाया राशि लगातार बढ़ती रही, जो कि प्रारंभ में 1 करोड़ रुपये थी और अंततः यह राशि 7.26 करोड़ रुपये तक पहुँच गई।

निगम ने 1 सितंबर 2022 को 36 खाली चेक भुनाने में भी विफलता दिखाई, जो असल में बकाया राशि वसूलने के लिए बेहद आवश्यक थे। सीएजी की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मई 2021 में जब इस घोटाले की जड़ें फैली थीं, उसी समय उचित कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन नगर निगम ने केवल ऑडिट के आधार पर ही ठोस कदम उठाए, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई।

अब, गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने इस घोटाले को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उम्मीद की जा रही है कि इस रिपोर्ट के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही के कटघरे में लाया जाएगा।