अमृतसर में गुरु रामदास जी का प्रकाशोत्सव: नगर कीर्तन में श्रद्धालुओं का हजूम!

अमृतसर नगर के संस्थापक, श्री गुरु रामदास जी के पावन प्रकाश पर्व को मनाने के लिए सचखंड श्री हरमंदिर साहिब से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। यह नगर कीर्तन सुबह 10 बजे प्रारंभ हुआ, जिसमें पांच प्यारों ने अगुवाई की। कीर्तन की रैली अमृतसर के सभी 12 गेटों से होते हुए श्री अकाल तख्त साहिब पर समाप्त होगी। इस अवसर पर पूरे नगर में संगत की सुविधाओं और लंगर के लिए कई पंडाल स्थापित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो।

श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश उत्सव का यह कीर्तन नगर के महत्वपूर्ण स्थलों पर से गुजरते हुए एक विशेष धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान रैली गोल्डन प्लाजा, घंटाघर, जलियांवाला बाग, और अन्य प्रमुख चौक जैसे घी मंडी चौक, शेरां वाला गेट, महां सिंह गेट, चौक राम बाग, हॉल गेट, हाथी गेट, लोहगढ़ गेट, लाहौरी गेट, बेरी गेट, खजाना गेट, गेट हकीमा, भगतांवाला चौक, चाटीविंड गेट, और सुल्तानविंड गेट से होते हुए अंत में श्री अकाल तख्त पर पहुंचेगा।

इस भव्य आयोजन से पहले, श्रद्धालुओं के लिए श्री अखंड पाठ साहिब का आयोजन किया गया था। यह कीर्तन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह सामाजिक समर्पण का प्रतीक भी है, जिसमें लोग मिलकर अपने गुरु के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस उत्सव के दौरान भक्तों में धार्मिक भावनाओं का मेल देखा जा सकता है और यह उनकी एकता को दर्शाता है।

नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे हैं, सभी ने मिलकर इस अवसर को और भी भव्य बनाया है। श्रद्धालुओं की भक्ति और गर्जना से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य गुरु की शिक्षाओं को फैलाना और समाज में एकता की भावना को बढ़ावा देना है।

अमृतसर शहर का यह कीर्तन हर वर्ष की तरह इस बार भी अपनी पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि ये सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। चिरंजीव गुरु रामदास जी की उपदेशों को जीवन में उतारते हुए, सभी श्रद्धालु इस आयोजन का आनंद ले रहे हैं।