अमृतसर में पुलिस पर फायरिंग: एचडीएफसी बैंक डकैती के बाद मुठभेड़, एक बदमाश घायल!
हाल ही में अमृतसर देहात पुलिस ने एचडीएफसी बैंक में हुई डकैती के मामले में आरोपियों को पकड़ने के दौरान एक गंभीर घटना का सामना किया। जानकारी के अनुसार, पुलिस पर गत दिन फायरिंग की गई, जिसमें एक आरोपी की टांग पर गोली लग गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। ये सभी कार्रवाई डीआईजी बॉर्डर रेंज सतिंदर सिंह और वरिष्ठ पुलिस कप्तान अमृतसर ग्रामीण चरणजीत सिंह के आदेशों पर की गई है।
बैंक डकैती की घटना 18 सितंबर 2024 को हुई थी, जब कुछ अज्ञात बदमाशों ने बैंक के भीतर पिस्तौल की नोक पर डकैती डाली और वहाँ मौजूद ग्राहकों को बंधक बना लिया। इस डकैती के दौरान लगभग 25,70,580 रुपये चोरी हुए थे। बैंक के प्रबंधक हरमिंदर सिंह द्वारा थाने को दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और कार्रवाई शुरू की। कत्थूनंगल पुलिस स्टेशन ने इस मामले की तहकीकात में 10 दिन बिताए और इस दौरान 220 किलोमीटर से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई।
पुलिस की लगातार मेहनत के बाद, आरोपियों का पता लगाया गया। इन आरोपियों की पहचान बलदेव सिंह उर्फ हरमन, सुच्चा सिंह, कर्णबीर सिंह कन्नू और कश्मीर सिंह उर्फ शिरू के रूप में हुई। इनमें से कश्मीर सिंह को 32 बोर की पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस की फायरिंग में कश्मीर सिंह उर्फ शिरू के पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ और उसकी स्थिति गंभीर है। उसे श्री गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अमृतसर देहाती एसएसपी चरणजीत सिंह सोहल ने बताया कि कश्मीर सिंह एक बेहद खतरनाक अपराधी है। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि उसने कई लोगों से रंगदारी वसूल की है और कपूरथला जिले में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही, कश्मीर सिंह को शरण देने वाले परमजीत सिंह उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी घटनाक्रम पुलिस प्रशासन की तत्परता और मेहनत का उदाहरण है, जिसने डकैती के मामलों को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से ही अपराधियों को सख्त सजा दिलाई जा सकेगी, जिससे समाज में कानून व्यवस्था स्थापित रहेगी। इस घटना ने यह भी दिखाया कि समाज में सुरक्षा की दृष्टि से नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहना आवश्यक है।









