अबोहर में आर्थिक तंगी से परेशान युवक का सुसाइड, दो बच्चों के पिता की दर्दनाक कहानी!

अबोहर के उसमानखेड़ा गांव में एक युवक ने गंभीर आर्थिक समस्याओं और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते आत्महत्या का कदम उठाया। शुक्रवार तड़के इस युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर जान गंवा दी। थाने खुईयां सरवर की पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए मृतक के भाई से बयान दर्ज किए और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। 30 वर्षीय सोनू, जो दो बच्चों का पिता था, मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, लेकिन बीमारी और वित्तीय तंगी ने उसकी जिंदगी को संकट में डाल दिया।

सोनू के भाई कमल ने बताया कि सोनू पिछले एक महीने से पीलिया से पीड़ित था, जिसके कारण वह अपने काम पर नहीं जा पा रहा था। बीमारी के चलते वह न केवल मानसिक रूप से परेशान था, बल्कि आर्थिक संकट ने उसकी स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। अपने भाई की इस दुखद स्थिति को देखते हुए, कमल ने बताया कि सोनू की तबीयत इतनी खराब हो गई थी कि उसके पास कोई समाधान नहीं बचा था। इस निराशा में उसने ऐसा भयावह निर्णय लिया, जिससे उसका परिवार हमेशा के लिए बिखर गया।

सुबह की जांच में यह पता चला कि сосед राजिंद्र कुमार ने सोनू को आवाज लगाई, लेकिन न तो वह बाहर आया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी। जब राजिंद्र ने अंदर जाकर देखा तो सोनू की लाश वहां पड़ी थी। यह भी बताया जा रहा है कि उसने रात में किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था, जिससे उसकी जान चली गई। इस सब के चलते सोनू की पत्नी और बच्चे यह सोचते रहे कि वह केवल सो रहा है। परिजनों को जब इस घटना का पता चला, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और शव को मोर्चरी में रखवाया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने मृतक के भाई कमल के बयानों के आधार पर बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई भी की। यह मामला केवल एक युवक की दशा नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ती आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों की गंभीरता को दर्शाता है। कई लोग ऐसे संकटों का सामना कर रहे हैं, जो उन्हें आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर कर देते हैं।

इस दुखद घटना ने गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। पड़ोसियों और परिवारजनों का आरोप है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और कानूनी सुरक्षा के अभाव ने ऐसे हालात को जन्म दिया। इस घटना के पश्चात गांव के लोग मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करने की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम की जा सके। यह घटना हमारे समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें आपस में संवाद और सहारा देने की आवश्यकता है, ताकि कोई और इस तरह की दुखद स्थिति का सामना न कर सके।