प्रकृति की महता को समझते हुए भविष्य की पीढ़ी के लिए सभी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए : निदेशक आसिफ
प्रकृति की महता को समझते हुए भविष्य की पीढ़ी के लिए सभी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए : निदेशक आसिफ
रांची, 13 सितंबर (हि.स.)। राज्य कला संस्कृति निदेशालय ने शुक्रवार को अरगोड़ा मैदान में करम परब की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी-सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। आयोजन का शुभारंभ कला संस्कृति विभाग के निदेशक आसिफ एकराम ने राज्य के वरिष्ठ कलाकार पद्मश्री मुकुन्द नायक, पद्श्री मधु मंसुरी हंसमुख, महावीर नायक, मनपूरन नायक, देवदास विश्वकर्मा, राकेश रमन, डॉ शकुंतला मिश्र, राजकुमार नागवंशी के साथ सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन करके किया। सभी अतिथि ने करम पर्व की महता के संबंध में अपना वक्तव्य रखा।
निदेशक आसिफ ने करम परब की सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि प्राकृतिक पर्व करम परब के मूल उद्देश्य को आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने यह संकल्प लेने का अनुरोध किया कि प्रकृति की महता को समझते हुए भविष्य की पीढ़ी के लिए सभी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए।
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों के द्वारा करमा पर्व पर आधारित नागपुरी, मुंडारी, खड़िया, कुडुख, कुरमाली, करसा, खेरवार, संथाली गीत नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियां की गई। कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम स्थल में कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय दर्शक मौजूद थे।
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