पंजाब मंत्री डॉ. रवजोत ने संभाला पद: सीनियर नेताओं की मौजूदगी में मुंडिया ने भी ली जिम्मेदारी!

पंजाब सरकार के नए मंत्रिमंडल में डॉ. रवजोत सिंह ने बुधवार को निकाय भवन में अपना पद ग्रहण किया। इस अवसर पर पंजाब के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, जिनमें कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, होशियारपुर के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, जालंधर के पार्टी नेता पवन कुमार टीनू और बटाला के विधायक शैरी कलसी जैसे प्रमुख हस्तियाँ शामिल थीं। इसी प्रकार, हरदीप सिंह मुंडिया ने भी पंजाब सिविल सचिवालय में अपना कार्यभार नहीं लिया। इस मौके पर सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, एनआरआई मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और सांसद मालविंदर सिंह कंग जैसे कई नेता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

पंजाब सरकार के मंत्रिमंडल में हाल ही में पांच नए मंत्रियों की नियुक्ति की गई है, जिसमें तरूणप्रीत सिंह, बरिंदर गोयल, हरदीप मुंडिया, डॉ. रवजोत सिंह और मोहिंदर भगत का नाम शामिल है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को इन सभी नए मंत्रियों के साथ मुलाकात की थी और संबंधित विभागों के कार्यों पर विस्तृत चर्चा की। यह फेरबदल पंजाब में लोकसभा चुनाव के परिणामों से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) केवल 13 में से 3 सीटें जीतने में सफल रही थी।

इन नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रियों की कुल संख्या 16 हो गई है। इसमें से 5 नए मंत्रियों में से दो अनुसूचित जाति, दो जट और एक व्यापारी (बनिया) समुदाय से हैं। यह महत्वपूर्ण है कि अनमोल गगन मान की छुट्टी के बाद, अब इस पूरे मंत्रिमंडल में केवल एक ही महिला मंत्री रह गई हैं।

इन परिवर्तनों के पीछे का मकसद राज्य में राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना और मंत्रिमंडल की संरचना में विविधता लाना है। पंजाब में राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, और ऐसे में नए मंत्रियों का चयन सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनता दिख रहा है। जनता की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए, मंत्रियों को अपने अपने विभागों में सुधार लाने और विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

नए मंत्रियों की नियुक्ति के साथ-साथ, उनकी क्षमताओं और कार्यशैली पर भी बारिकी से निगरानी रखी जाएगी, ताकि आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल पंजाब में AAP की स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। ऐसे में देखने यह होगा कि यह नए मंत्री अपनी भूमिकाओं में कितनी सफलता प्राप्त कर पाते हैं और राज्य के विकास में क्या योगदान दे सकेंगे।