पंजाब लॉ यूनिवर्सिटी में हंगामा: VC के कपड़ों पर टिप्पणी से छात्राओं का प्रदर्शन, इस्तीफा मांगें
राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (RGNUL), पटियाला में वाइस चांसलर द्वारा गर्ल्स हॉस्टल की चेकिंग के मुद्दे ने वहाँ के शिक्षण माहौल को बुरी तरह प्रभावित किया है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वाइस चांसलर ने अचानक उनके हॉस्टल में जाकर उनकी ड्रेस को लेकर टिप्पणी की और यह पूछ लिया कि वे छोटे कपड़े क्यों पहनती हैं। इसी मुद्दे पर उनके माता-पिता को हॉस्टल में आने की अनुमति नहीं है, फिर भी वाइस चांसलर का वहां आना बेहद विवादित हो गया। परिणामस्वरूप, छात्राओं ने रविवार को वाइस चांसलर के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो अब ढ़ाई दिन से जारी है।
22 सितंबर, रविवार को दुपहर करीब साढ़े तीन बजे, RGNUL की छात्राएं वाइस चांसलर के निवास के सामने जमा होकर विरोध प्रदर्शन करने लगीं। उनका कहना था कि वाइस चांसलर अनावश्यक रूप से उनके प्राइवेसी के अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रदर्शकारियों ने ‘नॉट यूअर डॉटर’ जैसे नारे और पोस्टर उठाए थे, जो उनके आपत्ति की गंभीरता को दर्शाते हैं। इस प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार प्रोफेसर आनंद पंवार ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यदि छात्राओं को कोई समस्या है, तो उन्हें प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। हालाँकि, जबकि छात्राएं धरने पर बैठी रहीं, पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
सोमवार को अन्य छात्रों ने भी प्रदर्शनकर्ताओं का समर्थन किया और स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक 9-सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जब कमेटी ने छात्राओं से बयान देने के लिए कहा, तो उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे केवल वाइस चांसलर के सामने संवाद करना चाहती हैं। छात्राओं का कहना है कि आधी रात को बिना महिला स्टाफ के गर्ल्स हॉस्टल में आना न केवल अनुचित है, बल्कि यह उनकी सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।
इस माहौल से आहत वाइस चांसलर प्रोफेसर जेएस सिंह ने प्रदर्शन स्थल पर आकर छात्रों के सवालों का सामना किया। छात्रों ने उनसे पूछा कि वे बिना फैकल्टी क्यों नहीं मिलते और ऐसा भी कहा कि यदि वे किसी फैकल्टी के साथ जाते हैं, तो उनके मोबाइल फोन तक बाहर रखवा लिए जाते हैं। हालांकि वाइस चंसलर ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी छात्र से मिल सकते हैं और उन्होंने आरोपों को खारिज कर दिया। लेकिन छात्रों ने तब भी उनके इस्तीफे की मांग करते हुए धरना जारी रखा।
समान्य स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंतिम रूप से एक नोटिस जारी किया कि छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय को बंद किया जा रहा है। साथ ही, इसमें यह भी कहा गया कि जो छात्र घर जाना चाहें, वे जा सकते हैं। परंतु, छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। वाइस चांसलर ने इस विवाद पर कहा कि उनकी चेकिंग का कारण हॉस्टल में व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना है और यह सब कुछ गलत धारणा पर आधारित है।









