पंजाब पंचायत चुनाव: 15 अक्टूबर को वोटिंग व रिजल्ट घोषणा, कमिश्नर ने तारीख बताई
पंजाब में पंचायती चुनावों के आयोजन का ऐलान कर दिया गया है, जिसमें मतदान 15 अक्टूबर को होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। यह जानकारी बुधवार, 25 सितंबर को राज्य के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 27 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेगी। चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत के कार्यकाल का अंत फरवरी 2024 में हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनावों की वजह से पंचायत चुनाव में देरी हुई।
समाचार के अनुसार, पंजाब सरकार ने पंचायती चुनाव 20 अक्टूबर से पहले करवाने का वादा किया था। इस दौरान विभिन्न त्योहारों और छुट्टियों का ध्यान रखा गया है। आगामी महीने में अक्टूबर 1 और 2 को छुट्टियां हैं, इसके साथ ही 12 अक्टूबर को दशहरा और 20 अक्टूबर को करवा चौथ भी है। वाल्मीकि जयंती भी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसके अलावा, बोर्ड परीक्षाओं और धान की कटाई के मद्देनजर भी चुनाव की तिथि तय की गई है। वर्तमान में राज्य में कुल 13,937 ग्राम पंचायतें और 19110 मतदान केंद्र हैं, जहां करीब 1.34 करोड़ वोटर पंजीकृत हैं।
राज कमल चौधरी ने यह भी बताया कि इस बार पंच और सरपंच का चुनाव बैलट बॉक्स के माध्यम से होगा। नामांकन के लिए 100 रुपये की फीस निर्धारित की गई है, जिसमें अनुसूचित जाति और पिछड़ी जातियों के उम्मीदवारों को 50% छूट मिलेगी। सरपंच के लिए खर्च सीमा को 30,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये और पंच के लिए 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किया गया है। चुनाव प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए रिटर्निंग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
यह चुनाव राजनीतिक दलों के प्रतीकों पर नहीं होंगे। पंचायती चुनावों में उम्मीदवारों को विशेष प्रतीक जारी किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की राजनीतिक भागीदारी से बचा जा सके। सरपंच और पंच के लिए अलग-अलग प्रतीक निर्धारित किए गए हैं। इस बार जिला परिषद के लिए 32 प्रतीक, ब्लॉक समिति के लिए भी 32 प्रतीक और पंच व सरपंच के लिए 70 और अलग-अलग प्रतीक भी उपलब्ध रहेंगे।
पंजाब में पंचायत चुनाव पिछले लगभग नौ महीने से लम्बित थे, जबकि राज्य में 13937 पंचायतें, 153 ब्लॉक समितियां और 23 जिला परिषदें हैं। ये सभी 31 दिसंबर 2023 को अपना कार्यकाल पूरा करेंगी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पंजाब सरकार ने पंचायतों का कार्यकाल खत्म होते ही 11 अगस्त 2023 को उन्हें भंग कर दिया था, जिसके खिलाफ सरपंचों ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। उच्च न्यायालय के निर्देश पर पंचायतें पुनः बहाल की गईं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पुनर्जीवित किया गया है।









