नदी और जंगल के संरक्षण को लेकर एकजुट हुए ग्रामीण, बालू के अवैध उठाव पर लगाई रोक

नदी और जंगल के संरक्षण को लेकर एकजुट हुए ग्रामीण, बालू के अवैध उठाव पर लगाई रोक

चतरा, 25 सितंबर (हि.स.)। नदी और जंगल के संरक्षण को लेकर ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। चतरा जिले के पत्थलगडा के सिंघानी के ग्रामीणों ने सिमरिया और पत्थलगडा प्रखंड के सिंघानी गांव से गुजरने वाली नदी से बालू के उठाव पर रोक लगा दी है और अवैध रूप से उत्खनन करने वाले लोगों को चेतावनी दी है। सार्वजनिक स्थलों में अतिक्रमण के खिलाफ भी ग्रामीण एक्शन में है। पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए गांव में खाली पड़े जमीन में दो-दो पेड़ लगाने का निर्णय लिया गया है। इसी को लेकर हनुमत चौक सिंघानी में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक चेतलाल रजक व संचालन प्रकाश दांगी ने किया।

सिंघानी में छठ घाट नदी, परसोनिया नदी, भुराही नदी, पंचबहनी नदी और सिंघानी गांव में पड़ने वाले अन्य बालू घाटों में बालू का उठाव नहीं करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने कहा की जरूरत पड़ने पर इसी गांव के लोग बालू का उपयोग करेंगे। छठ घाट में भूमि अतिक्रमण, पांडेयतर गड़ौत अतिक्रमण सहित अन्य स्थान में अतिक्रमण रोकने पर सहमति बनी। इसी को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया। जिसके अध्यक्ष प्रकाश दांगी, उपाध्यक्ष इसराइल मियां, सचिव सुखसागर राणा, उपसचिव संजय दांगी सहित 50 सदस्यों को शामिल किया गया है। बालू उठाव नहीं करने की जानकारी ट्रैक्टर मालिकों को दी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि रोक के बावजूद बालू का उठाव किया जाता है तो इसकी सूचना पुलिस से लेकर वरीय पदाधिकारी को लिखित रूप से दी जाएगी। ग्रामीणों ने गांव में हरियाली बनाए रखने को लेकर दो-दो पेड़ खाली पड़े भूभाग में लगाने का निर्णय लिया है।

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