मोहाली में निहंगों का कहर: दुकानदारों की पिटाई, सामान नाले में फेंका, वीडियो वायरल!
मोहाली के खरड़ इलाके में निहंग संगठनों द्वारा एक गंभीर घटना घटी है, जिसमें उन्होंने दुकानदारों पर हमला कर बवाल मचाया। स्थानीय दुकानदार अनिल ने बताया कि वह खरड़ बस स्टैंड में अपना व्यवसाय चलाते हैं। घटना के दौरान तीन निहंग युवक उन पर अचानक आक्रमण कर गए। पहले उन्होंने अनिल के पिता के साथ मारपीट की, और जब अनिल वहां पहुंचे तो उन्होंने उनसे भी भयंकर तरीके से मारपीट की। निहंगों ने न केवल उनकी दुकान का सामान नाले में फेंक दिया, बल्कि वहां मौजूद नकदी को भी लूट लिया। एक अन्य दुकानदार के साथ भी उन्हें नहीं बख्शा गया, जिससे यह स्थिति और भी भयानक हो गई।
इस उत्पात की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है, जो निहंगों के हौसले को दर्शाती है, कि वे इस कदर बेखौफ हैं कि उन्हें किसी भी प्रकार की सजा का खौफ नहीं। घटना के बाद, खरड़ पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाई है और तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह, अमनजोत सिंह, और जसप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो क्रमशः खूनीमाजरा और पमौर के निवासी हैं। पुलिस के अधिकारी DSP करण सिंह संधू ने कहा कि इस प्रकार की गुंडागर्दी को किसी भी हालात में सहन नहीं किया जाएगा।
खरड़ बस स्टैंड के आसपास हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके आलावा, घटनास्थल से भागने के दौरान, एक व्यक्ति जो निहंगों को देखकर अपनी सामान लेकर एक होटल में जाकर छिप गया था, उसे भी निहंगों ने पकड़कर बाहर निकाला और फिर से मारपीट की। इस घटना से यह साफ है कि आरोपियों का हौसला इस कदर बुलंद था कि वे बिना किसी डर के लोगों पर प्रहार कर रहे थे।
डीएसपी करण सिंह संधू ने पुष्टि की है कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है और उनकी धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि इस तरह की घटनाओं को रोकने और अपराधियों को दंडित करने में पुलिस कोई कोताही नहीं बरतेगी। क्षेत्र के निवासियों ने पुलिस को विश्वास दिलाया है कि वे इस मामले में सहायता करेंगे, ताकि ऐसी गुंडागर्दी का पुनरावृत्ति न हो सके।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि समाज में ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न घटित हों। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे न सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी करें, बल्कि समाज में सुरक्षा का भरोसा भी स्थापित करें। इस समय लोगों में डर और आशंका का माहौल बना हुआ है, और पुलिस को इस पर तत्काल कार्यवाही करनी होगी ताकि खौफ का माहौल समाप्त हो सके।









