एक साथ 15 परिवार गांव छोड़ राजस्थान रवाना; नरमे की बिजाई बनी बड़ा कारण!

मानसा जिले में हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं, जहां 15 परिवार विशेष रूप से अपने घरों को ताले लगाकर और अपने बच्चों के साथ राजस्थान की ओर रवाना हो गए हैं। उनका उद्देश्य वहां नरमे की चुगाई करना है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस वर्ष नरमे की फसल की बिजाई नहीं की गई है, जो उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। इसके चलते, ये लोग मजदूरी के लिए मजबूर होकर राजस्थान की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

पंजाब में किसानों को गुलाबी सुंडी और सफेद मक्खी जैसे कीटों से जूझना पड़ रहा है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस स्थिति के परिणामस्वरूप, किसान नरमे की फसल की बिजाई से दूर हो गए हैं और अब वे धान की रोपाई करने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इसके कारण मानसा जिले के कई गांवों के लोग, प्रवासी श्रमिकों की तरह, अपने घर छोड़ने के लिए विवश हुए हैं।

आज, नांगल कलां गांव से 15 परिवार राजस्थान के लिए निकले। इनमें से कुछ किसान, जैसे कि केवल सिंह, गुरजंट सिंह, मिटठू सिंह और पाल सिंह, ने बताया कि विगत वर्षों में जब नरमे की फसल अच्छी होती थी, तब उनका पूरा परिवार इस फसल की चुगाई में जुटा रहता था। लेकिन हाल के समय में बिजाई में गिरावट ने उन्हें बेरोजगारी की स्थिति में ला खड़ा किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खराब बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता न होने के कारण किसान नरमे की बिजाई करने में असमर्थ हैं।

इन मजदूरों की कहानी केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष की नहीं है, बल्कि यह पंजाब के कृषि क्षेत्र की दुर्दशा का भी प्रतीक है। जहां एक ओर, किसान नए कीट प्रबंधन तकनीकों और अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की तलाश में हैं, वहीं दूसरी ओर, वे अपनी पारंपरिक खेती की आदतों को बनाए रखने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में, ये लोग किसी भी तरह से अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए मजबूर हैं।

जैसे ही ये परिवार राजस्थान पहुंचेंगे, वहां वे नरमे की चुगाई में जुट जाएंगे और कोशिश करेंगे कि वे अपनी जीविका चलाने में सफल हों। यह स्थिति इस बात की ओर भी इशारा करती है कि अगर जल्दी ही कृषि में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में और भी किसान अपने घरों से दूर होने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इसलिए, इसकी आवश्यकता है कि सरकार और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान खोजें, ताकि किसान अपने घरों में रहकर ही अपनी फसल उगाने और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।