लुधियाना में पुलिस की कार्यवाही पर सवाल: चोरों को छोड़कर दोबारा दिया वारदात को अंजाम!
लुधियाना में चोरी की लगातार बढ़ती वारदातों ने लोगों के मन में भय पैदा कर दिया है, और पुलिस की निष्क्रियता ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। विशेष रूप से हालिया मामले ने सबका ध्यान खींचा है, जहां पुलिस द्वारा नशेड़ी करार दिए गए चोरों ने फिर से एक घर में सेंध लगाकर लाखों रुपये का सामान चुरा लिया। घटना के वक्त की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें चोरों की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है।
राम नगर की गली नंबर-2 में रहने वाले राजीव कुमार ने बताया कि वे बीती रात लगभग तीन बजे अपने घर में अजीब आवाज सुनकर बाहर आए और देखा कि दो चोर उनके घर से सामान लेकर भाग रहे हैं। राजीव ने बताया कि चोर लगभग 15 मिनट में घर की दीवार फांदकर अंदर घुसे और एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन और 31 हजार रुपये की नकदी चुरा ले गए। इस घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज को पुलिस के हवाले किया गया है, लेकिन चोरी की पिछले कुछ मामलों की तरह, इस बार भी आवश्यक कार्रवाई की कमी को लेकर लोगों का असंतोष व्यक्त हो रहा है।
इसी प्रकार की एक और घटना चार दिन पहले भी हुई थी, जब मोहल्ले के निवासी जगदीश कुमार के घर से चोरों ने तंबाकू चुराया था। इस घटना के बाद, चोरों की पहचान कर पुलिस को सूचित किया गया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें नशेड़ी बताकर बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। यह चोर अब फिर से सक्रिय हो गए हैं, जिससे लोगों में डर और हताशा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासी इस स्थिति को लेकर अत्यंत चिंतित हैं, खासकर महिलाएं, जिन्होंने कहा कि पुलिस चोरों को बिना किसी सजा के छोड़ रही है, जिससे अपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। मोहल्ले में गश्त करने में पुलिस की लापरवाहियों की वजह से चोर रात में आसानी से गली में घुसकर वारदात को अंजाम देने में सफल हो जा रहे हैं। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न होने पर लोगों का विश्वास सार्वजनिक सुरक्षा से उठता जा रहा है, और उन्हें अपने आपको सुरक्षित रखने के लिए निरंतर चिंतित रहना पड़ रहा है।
थाना टिब्बा पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को दर्शाती है कि सिर्फ जांच करने से स्थिति में सुधार नहीं हो सकता। उन्हें ठोस कार्रवाई और पुलिस गश्त की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और स्थानीय निवासियों का विश्वास पुनः स्थापित किया जा सके। इस चुनौती का सामना करना पुलिस के लिए बेहद आवश्यक है, ताकि न केवल चोरों का भय मिटे, बल्कि समाज में एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल भी कायम किया जा सके।









