अमृतसर जेल में महिला कैदी की रहस्यमयी मौत: मुंबई निवासी थी लंबे समय से बीमार!
अमृतसर स्थित केंद्रीय जेल में एक कैदी की दुखदाई मौत हो गई है। जेल प्रशासन ने मृत शरीर को पहचान करने के लिए तीन दिनों के लिए मोर्चरी में रखा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरने वाली महिला बंदी का नाम नूतन विश्वनाथ नागपाल उर्फ नूतन चोपड़ा है, जो अंधेरी ईस्ट, मुंबई की निवासी थीं। उनके निधन का कारण लंबे समय से चल रही बीमारी बताई जा रही है। जेल अधीक्षक का कहना है कि इस महिला बंदी के परिवार या रिश्तेदारों से कोई संपर्क नहीं रहा है, और न ही उनके मिलने के लिए कोई आता था।
वर्तमान में, जेल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि नूतन चोपड़ा का अंतिम संस्कार 72 घंटे बाद किया जाएगा। यदि कोई निकटतम रिश्तेदार या वारिस मृतक की पहचान करना चाहता है, तो उन्हें माननीय न्यायालय, श्री गगनदीप सिंह जेएमआईसी अमृतसर या अधीक्षक, सेंट्रल जेल अमृतसर के नियंत्रण कक्ष से संपर्क करना होगा। इसके लिए उन्होंने संपर्क नंबर 0183- 2810100, व्हाट्सएप नंबर 7973181357, और ईमेल c.prisons.asr@punjab.gov.in उपलब्ध कराए हैं, ताकि रिश्तेदार जानकारी प्राप्त कर सकें।
जेल प्रशासन का यह भी कहना है कि अगर 72 घंटों में मृतक के किसी रिश्तेदार या वारिस का वहां आना नहीं होता है, तो शव का अंतिम संस्कार स्वतः किया जाएगा। यह नीति इस स्थिति में अपनाई जाती है जब जेल में बंद किसी गंभीर बीमार कैदी का कोई परिवारिक संपर्क नहीं होता है।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि जेल में बंदियों के संपर्क में आने वाले परिवारीजन या मित्रों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। इससे बंदियों की मानसिक स्थिति और उनके उपचार में भी मदद मिलती है। हालांकि, इस घटना ने यह चिंता भी जागृत की है कि क्या जेल में बंदियों का स्वास्थ्य और उनके इलाज के उचित प्रबंध किए जाते हैं।
अंततः, नूतन चोपड़ा की दुखद मौत ने हमें यह सोचने के लिए मजबूर किया है कि समाज में बंदियों के प्रति संवेदनशीलता की कितनी आवश्यकता है। ऐसे मामलों में जब किसी बंदी का कोई सहारा नहीं होता, तो यह एक संजीदा सवाल उठता है कि ऐसे लोगों की देखभाल कौन करेगा। जरूरी है कि समाज और प्रशासन दोनों मिलकर ऐसे मामलों में सहानुभूति दिखाएं ताकि किसी बंदी का जीवन और उसकी मुश्किलें अनदेखी न हों।









