ओपीएस तिरंगा यात्रा की अनुमति रद्द करने का विरोध, कर्मचारियों ने काले रिबन बांधकर जताया रोष

ओपीएस तिरंगा यात्रा की अनुमति रद्द करने का विरोध, कर्मचारियों ने काले रिबन बांधकर जताया रोष

फतेहाबाद, 11 सितंबर (हि.स.)। पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर जिला फतेहाबाद के समस्त कर्मचारियों ने रोहतक ओपीएस तिरंगा मार्च की अनुमति रद्द करने के विरोध में सोमवार से बुधवार तक काला रिबन बांधकर पेंशन बहाली संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध जताया। समिति के राज्य महासचिव ऋषि नैन ने कहा कि हरियाणा के कर्मचारी पिछले 6 साल से अपनी पुरानी पेंशन की जायज मांग को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए ओपीएस तिरंगा मार्च निकाले जा रहे थे।

25 अगस्त को अंबाला व 1 सितंबर हिसार में कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से ओपीएस तिरंगा मार्च निकाल चुके थे। इसी कड़ी में 8 सितंबर को ओपीएस तिरंगा मार्च रोहतक में निकाला जाना था जिसकी अनुमति भी समिति ने प्रशासन से ले रखी थी, परंतु प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते शुक्रवार रात प्रशासनिक व आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए अनुमति रद्द कर दी थी।

राज्य अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल के नेतृत्व में हरियाणा के सभी विभागों के कर्मचारी अपने कार्यालय में 9 से 11 सितंबर तक तीन दिन काली पट्टी बांधकर या काले कपड़े पहन कर काम करते हुए निवर्तमान सरकार के इस तानाशाही रवैए का विरोध जताया। राज्य ऑडिटर विजय भूना का कहना है कि सरकार ने कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकार को खत्म किया है। सरकार दमन की नीति पर आ गई है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में इस प्रकार से अनुमति रद्द करना उचित नहीं था। किसी भी व्यक्ति के बोलने और अपनी बात को रखने के अधिकार को खत्म नहीं किया जा सकता है।

सरकार पूरी तरह से तानाशाही रवैया अपना रही है। हरियाणा के तीन लाख कर्मचारियों और अधिकारियों की वाजिब मांग को मानना तो दूर, सरकार ने अपना हक मांगने वाले उन कर्मचारियों पर दमनकारी नीति अपनाते हुए फरवरी 2023 में लाठी, डंडे और आंसू गैस के गोले चलाने का काम किया है। आगामी विधानसभा चुनावों में हरियाणा के तमाम विभागों के 3 लाख कर्मचारी और अधिकारी अपने परिवार सहित संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग अपनी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए करेंगे। जिला प्रधान नरेश जांगड़ा व महासचिव अजीत ने जिले के सभी कर्मचारियों व कर्मचारी संगठनों का आभार व्यक्त किया और जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती तब तक संघर्ष में साथ देने की अपील की।