EC का आदेश: तरन-तारन DC गुलप्रीत औलख का चौंकाने वाला तबादला, सिर्फ 3 दिन बाद!

पंजाब में पंचायत चुनाव से पहले, राज्य चुनाव आयोग ने तरन तरन जिले के डिप्टी कमिश्नर गुलप्रीत सिंह औलख के तबादले के लिए आदेश जारी किए हैं। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी की ओर से यह आदेश जारी किया गया है, जिसमें सरकार को लिखित निर्देश भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि गुलप्रीत सिंह औलख 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने हाल ही में अमृतसर नगर निगम के कमिश्नर के रूप में कार्य किया था। वह केवल तीन दिन पहले ही तरन तरन के डिप्टी कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण कर चुके थे।

गुलप्रीत सिंह औलख का तबादला एक खास कारण से किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने जिले की एक महत्वपूर्ण पंचायत में आरक्षण में बदलाव को मंजूरी दी थी। चुनाव आयोग के निर्णय के पीछे यह चिंता है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखना आवश्यक है, खासकर तब जब पञ्चायती चुनावों की तिथियां नजदीक आ रही हैं। गौरतलब है कि औलख ने संदीप कुमार की जगह पर प्राथमिका की थी, और उनके कार्यकाल के दौरान ही यह विवाद उत्पन्न हुआ।

गुलप्रीत सिंह औलख का यह तबादला पंजाब सरकार द्वारा किए गए बड़े पैमाने के प्रशासनिक फेरबदल के दौरान हुआ। उन्हें अमृतसर नगर निगम से तरन तरन जिले में स्थानांतरित किया गया था, जहाँ उन्हें सोमवार को जिला प्रशासनिक परिसर पहुंचने पर पंजाब पुलिस की एक टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह समारोह उनके नए पद पर स्वागत का प्रतीक था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

राज्य चुनाव आयोग की कार्रवाई से यह धारणा बनी है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को सहन नहीं किया जाएगा। यह निर्णय यह भी दर्शाता है कि पंजाब में सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल कार्य के प्रति सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार भी होना पड़ता है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी पंचायत चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की जाती है।

अंततः, यह भी महत्वपूर्ण है कि अधिकारी प्रभावी ढंग से कार्य करें और जनता के विश्वास पर खरा उतरें, खासकर ऐसे समय में जब चुनाव की प्रक्रिया चल रही हो। इस प्रकार के कदम चुनावी परिवेश को साफ सुथरा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं और यह दर्शाते हैं कि प्रशासन किसी भी तरह की अनियमितताओं को गम्भीरता से लेता है। पंजाब में आने वाले पंचायत चुनावों की दृष्टि से, यह घटनाक्रम निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण मोड़ है।