चंडीगढ़ में भाई बना जालसाज: रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर 1.25 करोड़ की ठगी!
चंडीगढ़ में एक दिलचस्प मामला सामने आया है, जहां बलजिंदर सिंह नामक एक व्यक्ति ने रियल एस्टेट में निवेश का लालच देकर अपने ही भाई समेत कई लोगों के साथ 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। धनास निवासी गुरप्रीत सिंह ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में की, जिसके बाद आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बलजिंदर और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।
गुरप्रीत ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि वह अपने भाई बलजिंदर और पत्नी अमरजीत कौर के साथ मिलकर निर्माण सामग्री और रियल एस्टेट के कारोबार में लगे हुए हैं। बलजिंदर ने उन्हें आश्वस्त किया कि रियल एस्टेट में निवेश करने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उसने दावा किया कि यह निवेश पी.एन.बी. बैंक, केंद्र सरकार और प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों जैसे जी.बी.पी. ग्रुप और लोटस ग्रुप के द्वारा अधिकृत वित्तीय सेवाओं के माध्यम से किया जाएगा। इसके चलते गुरप्रीत ने बलजिंदर के कहने पर 45 लाख रुपये का निवेश किया।
बलजिंदर ने आरोप लगाया कि उसके पास चंडीगढ़, पंचकूला, खरड़, धनास और जीरकपुर में कई संपत्तियां हैं। उसने सेक्टर-16, सेक्टर-31, सेक्टर-37 और पंचकूला के सेक्टर-26 में भी मकानों के स्वामित्व का झूठा दावा किया। गुरप्रीत का कहना है कि बलजिंदर ने उनकी पत्नी अमरजीत से 38.60 लाख, ओम प्रकाश से 7 लाख, ऊषा रानी से 6 लाख, और धीमान इंटरप्राइजेज से 20.90 लाख रुपये की भारी राशि भी जुटाई। जब उन्हें पता चला कि बलजिंदर द्वारा बताई गई संपत्तियां वास्तव में उसकी नहीं हैं, तो उन्होंने इस मामले की शिकायत की।
पुलिस के सामने हकीकत आने के बाद जब गुरप्रीत और अन्य शिकायतकर्ताओं ने बलजिंदर से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने साफ साफ मना कर दिया। 23 अगस्त को गुरप्रीत, सुशील और अन्य ने बलजिंदर से बातचीत की, लेकिन वह फिर भी पैसे लौटाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने आर्थिक अपराध शाखा में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बलजिंदर सिंह और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
पुलिस ने अब इस मामले में संदिग्धों की पहचान और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। इस मामले ने न केवल चंडीगढ़ की रियल एस्टेट के निवेश के आधुनिक तरीकों की चुनौतियों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि निवेशक सावधानी बरतें और हमेशा भयावह धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें। पुलिस इस मामले में सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास कर रही है।









