अमृतसर में PSPCL के जेई ने रिश्वत लेते पकड़ा, 25 हजार की पहली किस्त में गिरफ्तार
अमृतसर में विजिलेंस ब्यूरो ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के जूनियर इंजीनियर रणजीत सिंह को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया है। जानकरी के अनुसार, इसे शिकायतकर्ता नवदीप सिंह से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिसमें वह शिकायतकर्ता पर लगाए गए 6 लाख रुपये के जुर्माने को कम करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था।
राज्य सतर्कता ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार जेई को शिकायत के आधार पर पकड़ा गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपी ने आरोपित राशि को कम करने के लिए पहले से ही 50 हजार रुपये की पहली किस्त ले ली थी। जब शिकायतकर्ता को लगा कि उसे इस मामले में न्याय नहीं मिल रहा है, तब उसने सतर्कता ब्यूरो से सहायता मांगी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले को गंभीरता से लिया और गिरफ्तारी की योजना बनाई।
विजिलेंस टीम ने मामले की जांच के दौरान आरोप सिद्ध करने के लिए दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में एक जाल बिछाया। इसके तहत जेई को शिकायतकर्ता से फिर से 25 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। अधिकारीयों ने बताया कि अब इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
आरोपी अभियुक्त रणजीत सिंह को अगले दिन अदालत में पेश किया जाएगा जहाँ उसकी जमानत और बाकी की कार्यवाही की जाएगी। सतर्कता ब्यूरो ने यह सुनिश्चित किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी ताकि भ्रष्टाचार के अन्य लिंक और संभावित सहियोगियों का भी पता लगाया जा सके। इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार की समस्या को फिर से उजागर किया है और यह दिखाता है कि शिकायतकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सतर्कता ब्यूरो सक्रिय है।
इस प्रकार, इस कार्रवाई ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक है। लोगों को इस बात का विश्वास होना चाहिए कि यदि वे किसी भी प्रकार की अनुचित मांग का सामना करते हैं, तो उन्हें उनकी शिकायत करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। यह घटना स्थानीय एवं राज्य स्तर पर सरकारी कार्यों में पारदर्शिता की आवश्यकता के बारे में चर्चा को भी जन्म देती है।









